राम आरती होने लगी है

पारंपरिक
हनुमान जी आरती राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम आरती होने लगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

गावे यश ब्रम्हा मुनि नारद

अन्य मुनि जे पथ परमारथ

हनुमान पद प्रीत जगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

बाम भाग सिय सोहत कैसी

ब्रम्ह जिव विच माया जैसी

ब्रम्ह जिव विच माया जैसी

भरत शत्रुह्न चवर फबी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

करत अपावन पावन जग में

नाम राम को आवत हिय में

नाम राम को आवत हिय में

मोहन मन में आस लगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

राम आरती होने लगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

जग मग जग मग ज्योत जगी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।