देवा महादेवा तू सब से निराला है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देवा महादेवा तू सब से निराला है,

बम बम भोले नाथ से गूंजता शिवाला है,

सिर पर विराजे कंग और अंग पर बभूत,

हर रंग ज्ञान वैराग का कहलाते अब दूत,

देव देत्ये दानवो का सब का रखवाला है,

देवा महादेवा तू सब से निराला है,

सकल जगत के आधा निरगुन नित्ये देवता,

श्री धज अंधज विरज सब का प्रतिपाला है,

देवा महादेवा तू सब से निराला है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।