मेरे साई की क्या बात चर्चा गली गली

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॥ पावन पाठ ॥

मेरे साई की क्या बात चर्चा गली गली,

मैं तो गुण गाऊ दिन रात चर्चा गली गली,

मेरी होती उस से बात निष् दिन आँखों में ,

मैं मांगू जो उस से इक वो देता लाखो में,

घर खुशियों की बरसात चर्चा गली गली,

मुझको मन चाहे का मीत मिल गया शिरडी वाला,

भोली सूरत भाल पेरोली और गले में माला,

मिली दर्शन की सौगात चर्चा गली गली,

सतिया लाल गुलाल से देखो सजे है घर का आंगन,

आये गा इक रात को साईं जो मेरा मन पावन,

संग शिव जी की बारात चर्चा गली गली,

मैंने सपने सहज सजोये और पलू में बांधे,

आये भले चाहे लाख समंदर मैंने वो सब लांगे

मेरे बदल गए हालत चर्चा गली गली ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।