शरण में आई हु सब कुछ हार के,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थक सी गई हु मैं जग को पुकार के,

शरण में आई हु सब कुछ हार के,

आँखों में नींद नहीं दिल भी उदास है,

बिखरे है सपने टूटी हर इक आस है,

भाव है गेहरे पावत अपनों के प्यार के,

शरण में आई हु सब कुछ हार के,

जीवन की बाजी अब तो आप के ही हाथ है,

हारे के साथी बाबा आप दीना नाथ है,

बन जाओ माझी बाबा मेरी मझधार के,

शरण में आई हु सब कुछ हार के,

ख़ताये जो की है मैंने मुझे स्वीकार है,

माफ़ करो भूली मेरी तेरी दरकार है,

गलती के पुतले मोहित हम तो संसार के ,

शरण में आई हु सब कुछ हार के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।