मंदिर भू हुयो परायो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया पे संकट आयो,मंदिर भी हुयो परायो

जो हुयो ना अब तक बाबा,तू ऐसो खेल रचायो

तू आजा रे,श्याम मेरे आजा रे,पुकारा हां तू आजा रे

बड़ी बड़ी विपदा में,तू ही आडो आयो

सर पर हाथ फिरायो,महाने लाड लडायो

इबकी क्यू ना तू आयो,क्यू महासू हुयो परायो

मन महारो घबड़ावे,मण्डो धीर गवावे

रह रह के में सोचा,महारो रक्षक क्यू सकुचावे

थे बेठ्या मंदिर माहि,सूझे दुक्ख महारो नाही

जीवन की हे बाजी,थे क्यू हो नाराजी

बिलख बिलख कर रोवा,,आज्या श्याम मिजाजी

थारो अंश अगर जी जावे,इमें थारो के घट जावे

भजन रचियता : डॉ.विजय केड़िआ,

बीरगंज NEPAL

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।