कान्हा तेरे दर पे आई कान्हा तेरे दर पे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा तेरे दर पे आई कान्हा तेरे दर पे

सब सुख मोह को त्याग के मैं आई तेरे दर पे

ओह कान्हा

आई तेरे दर पे

तू जग दाता तू ही विधाता

तू मंगलमय तू दुःख हरता

तू रुख मोड़ दे चारो दिशा का

तेरे दर पे मैं आई कान्हा

सारे जहां का तू रखवाला

तू मेरा श्याम बासुरीवाला

सृष्टि के कण कण में तू है समाया

तू ही पिता और ममता की छाया

कान्हा तेरे दर पे आई कान्हा तेरे दर पे

सब सुख मोह को त्याग के मैं आई तेरे दर पे

ओह कान्हा

आई तेरे दर पे

Singer : Jyoti Jajodia

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।