भजा दियां लंका में डंका हनुमत ने राम के नाम का

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लंका घड में कुदेया हनुमत ध्यान धरा श्री राम का,

भजा दियां लंका में डंका हनुमत ने राम के नाम का,

मिला भिभ्सन लंका में सेवक था वो भी राम का,

खबर बताई माता की रस्ता बताया उस भाग का

भाग अशोक में आया हनुमत दियां सनेषा राम का

भजा दियां लंका में डंका हनुमत ने राम के नाम का,

माता आगया से मांगी मिल भूखा सु में कुछ खावन की

खावन लागेया वो केल सेब नही कमी कोई आम की,

भाग उजाड़ा मारण लगेया रोका जिसने भी खामा खा,

भजा दियां लंका में डंका हनुमत ने राम के नाम का,

चाला सबा में रावन की तोडेया उस के अभिमान ने ,

पूंछ में आग लगा दी फिर बदली लंका स्मशान में,

तुसली सांचा सेवक अपने रघुवर राम का,

भजा दियां लंका में डंका हनुमत ने राम के नाम का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।