दिल चोरी कियो नंदलाल ये कोई क्या जाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा हाल है जो फिलहाल ये कोई क्या जाने,

दिल ले गया नन्द का लाल ये कोई क्या जाने,

दिल चोरी कियो नंदलाल ये कोई क्या जाने,

मेरा चैन वेन सब छीना,

मेरा मुश्किल कर दिया जीना,

अब अच्छा नहीं लगदा उस के बिन सावन का भी महीना

पूछे सखियाँ मुझसे सवाल कोई समजे न दिल का हाल ये कोई क्या जाने,

पनघट पे दोड़े जाऊ मैं वनवारिया बन जाऊ,

जी करता है बंसी की धुन पे सारे जग को आज नचाऊ,

अब और मैं क्या दू मिसाल इक दिन लगता है साल,

दिल चोरी कियो नंदलाल ये कोई क्या जाने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।