रत्नो दिया गौआँ कोण चारे

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिना बिना , तेरे बिना बिना

तेरे बिना नाथा देया नाथा रत्नो दिया गौआँ कोण चारे

लस्सी रोटियां कड दिखान लई , दस चिमटा बोहड़ च कोण मारे

शिव शंकर तो पार्वती था , अमर कहानी कोण सुने

दत्तातरे दा बनजा चेला चौ कुटा दा ब्रह्मण करे

अघोरी राक्षश वर्गीया , नू पा सीदे राहे कोण तारे

ओसर गऊ दा दूथ चुयाके , गोरख दे चेले कोण रजावे

मोर सवारी करके बाबा , हवा च उडारी कोण लगावे

बाबे भरथरी नाल बैठ के , भगता नू दस कोण तारे

तेरे भगत पयारे जोगी , ओण द्वारे सारे जोगी

रोट अते परशाद लियांदे , बोलन जय जय कारे जोगी

रोहित ते सुखराज दे दुखड़े तेरे बाजो कोण हरे

सिंगर रोहित हरदिल

98557 26152

81467 00582

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।