ऐसी लगन तोसे लागी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी लगन तोसे लागी साँवरिया

मन हुए बेकल नैन बावरिया,

ग्वालो को संग में खेले कन्हाई

हमरी क्या तकदीर बनाई

आज तलक हम मिलन को तरसे,

युही बीती जाए उमरिया,

ऐसी लगन तोसे----------

मोर मुकुट सिर कांधे कमलिया

पीत वसन तन पग पैजनिया

छुमक छुमक छुम छन नन आजा,

बस एकबार सुनादे मुरलिया,

ऐसी लगन तोसे----------

(प्यासा) तेरे बिना सारा जग सुना,

लागे अकेला हर दुख दूना,

बिरह अगन में तन मन झुलसे,

बरसेगी कब श्याम बदरिया,

ऐसी लगन तोसे लागी साँवरिया

Hemkant jha pyasa

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।