भला करि करतार दुनिया दा भला करि करतार

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया दे विच चारे पास मच गई हाहाकार ,

भला करि करतार दुनिया दा भला करि करतार,

सूरज धरती आकाश सुमिन्दर गुरु घर गिरजा मस्जिद मंदिर,

सब दा है तू इको दाता वसदा है तू सब दे अन्दर,

तेरी रेहमत दे वाल तकदा तकदा है संसार,

भला करि करतार दुनिया दा भला करि करतार,

दिन रात ते हवा ते पानी कुदरत पंक्षी पशु प्राणी,

तेरी रजा नाल चलदे सब ने आज ते उजली पाई आ थानी,

दीप दे एब गुन्हा तू बक्शी बक्शी बक्शन हार,

भला करि करतार दुनिया दा भला करि करतार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।