जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना,

अपनों को खूब दिया है भगवन गेरो को और भी देना,

जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना,

तेरी दुआ से इस दुनिया में मानव फूल उगाया,

अपनी दृष्ना को पाने में दानव धुल उड़ाया ,

जितना ज्ञान दिया है मुझको ओरो को और भी देना,

अपनों को खूब दिया है भगवन गेरो को और भी देना,

जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना,

सत्य यही सो दया प्रेम से दुनिया तूने सजाई ,

भटके हुए तेरे बेटो ने जमकर आग लगाई,

जितना प्रेम दिया है मुझको ओरो को और भी देना,

अपनों को खूब दिया है भगवन गेरो को और भी देना,

जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना,

सृष्टि की पावन भूमि पे इंसान तूने बनाई,

धर्म जाती में भटकर इंसान हिंसा खूब कराई ,

जितना दया दिया है मुझको ओरो को और भी देना ,

अपनों को खूब दिया है भगवन गेरो को और भी देना,

जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना,

जाग उठो एह दुनिया वालो छाया है गौर अँधेरा,

प्रभु की भगति से जीवन में होगा नया सेवरा,

जितना दिया कुमार केशव को ओरो को और भी देना,

अपनों को खूब दिया है भगवन गेरो को और भी देना,

जितना दिया है मुझको भगवान ओरो को भी देना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।