ओ गणेशा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

एक दो तीन चार गणपति तेरी जय जय कार,

पांच छे साथ आठ गणपति तेरी क्या बात,

विघ्नों का तू है हरता दुनिया का है करता धरता,

दुःख निवारण तू है बड़ा भगतो से है प्यार करता,

सुन दुनिया के राजा मेरे घर भी आजा

दिल में विराजे तू हमेशा

ओ गणेशा इ गणेशा ओ गणेशा,

देवा तू तो मन की जाने,

कष्टों को तू पहचाने मैं भी आया हु तुमको मनाने ,

इक दंत तू है दया वंत तू है

तेरी चार बुजाओ में दुनिया सारी,

सुन दुनिया के राजा मेरे घर भी आजा

दिल में विराजे तू हमेशा

ओ गणेशा इ गणेशा ओ गणेशा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।