प्रेम करो बस प्रेम करो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन प्रभु भगतो सुनो जग सारा,

प्रभु को केवल प्रेम ही प्यारा,

घट घट प्रेम भरो प्रेम करो बस प्रेम करो,

प्रभु से केवल बस प्रेम करो

सब जीवो से प्रेम करो,

प्रेम ही भगति प्रेम ही पूजा प्रेम दक्षिणा दान,

प्रेम भाव का दीप जला कर पा जाओ भगवान,

प्रभु के प्यारे भगत सुनो तुम प्रेम रूप धरो,

प्रेम करो बस प्रेम करो

भक्त प्रलाह्द के प्रभु प्रेम से हिरणकश्यप हारा,

पाली मुक्ति जब मीरा ने प्रेम से प्रभु को पुकारा,

प्रभु के प्यारे भक्त सुनो तुम प्रेम ज्योत जरो ,

प्रेम करो बस प्रेम करो

प्रभु से केवल बस प्रेम करो

प्रेम की अमृत कर मानव जग में बना महान,

प्रेम डोर से बंध कर प्राणी पाया मोक्श जहान,

कुमार केशव की बात सुनो तुम प्रेम बून्द जरो,

प्रेम करो बस प्रेम करो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।