तू है जग का रचना कार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू है जग का रचना कार तू है सब का पालनहार,

तू ही करता है संगार जग में तेरी जय जय कार,

ये संसार तेरी सरकार इस संसार में तेरी सरकार,

तू है जग का रचना कार तू है सब का पालनहार,

तेरे सूरज चाँद से जग परकाश वां बना,

तेरी उर्जा पा कर प्रभु प्राणी उर्जा वान बना,

भगवान तू सब का है आधार लेते जग पाया अपार

करता सब का बेडा पार जग में तेरी जय जय कार

ये संसार तेरी सरकार इस संसार में तेरी सरकार,

तू है जग का रचना कार तू है सब का पालनहार,

शीती जल पावक गगन समीर पंच तत्त्व रचना में लाया,

प्रकृति की शुषम ततव् को इन्द्रियों से वोद कराया,

भगवान् तेरा कं कं में संचान तुझसे जग है अलाह्न्कार

करता सब का बेडा पार जग में तेरी जय जय कार ,

ये संसार तेरी सरकार इस संसार में तेरी सरकार,

तू है जग का रचना कार तू है सब का पालनहार,

सत्ये अस्त के कर्म भाव के देवता नव में भेद कराया

जीव् रहस्य का भोद कराने गीता वेद कुरान रचया,

भगवान तेरी गजब की है ससकार,तुजसे सब कुछ है साकार,

करता सब का बेडा पार जग में तेरी जय जय कार,

ये संसार तेरी सरकार इस संसार में तेरी सरकार,

तू है जग का रचना कार तू है सब का पालनहार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।