गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ

सौरभ मधुकर
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गंगाराम देवाय नमः ।। गंगाराम देवाय नमः ।।

गंगाराम देवाय नमः ।। गंगाराम देवाय नमः ।।

हे कलिमलहारी ! विष्णु अवतारी !

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

गंगा-सम पावन, महिमा मनभावन,

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

गंगाराम देवाय नमः ।। गंगाराम देवाय नमः ।।

गंगाराम देवाय नमः ।। गंगाराम देवाय नमः ।।

श्रावण शुक्ला की दशमी अवतारे,

पीछे कल्याणी तट पर पधारे ।

पावन वो धारा, ध्याये जग सारा,

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

गंगाराम देवाय नमः ।। गंगाराम देवाय नमः ।।

गंगाराम देवाय नमः ।। गंगाराम देवाय नमः ।।

महिमा पौष की शुक्ल चतुर्थी,

तूने धरती से लीला समेटी ।

सपने में आएं, पर्चा दिखलायें,

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

गंगाराम देवाय नमः ॥ गंगाराम देवाय नमः ॥

गंगाराम देवाय नमः ॥ गंगाराम देवाय नमः ॥

आया जेठ का पावन दशहरा,

सूरज झुंझुनूं में निकला सुनहरा,

पंचदेव मंदिर भगतों की मंज़िल,

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

गंगाराम देवाय नमः ॥ गंगाराम देवाय नमः ॥

गंगाराम देवाय नमः ॥ गंगाराम देवाय नमः ॥

जब भी पाप धरा को सताता,

हर्ष आकर उसे तू मिटाता,

तुझ ना दूजा, करता हूँ पूजा,

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

हे कलिमलहारी ! विष्णु अवतारी !

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

गंगा-सम पावन, महिमा मनभावन,

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

बाबा तेरा सुमिरन रोज करूँ,

गंगाराम तेरा सुमिरन रोज करूँ ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन संगीत निदेशन - मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।