किये जा प्रभु का भजन धीरे धीरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज-- मोहब्बत की झूठी कहानी पे रोये

दोहा-- श्याम नाम रटते रहो। जब लगी घाट में प्राण,

कभी तो दिन दयालु के। भनक पड़ेगी कान,

किये जा प्रभु का भजन धीरे धीरे भजन धीरे धीरे,

मिलेगा साँवरिया सजन धीरे धीरे सजन धीरे धीरे,

वो अपना साथी है वो ही सहारा,

वो अपना माझी है वो ही किनारा,

लगेगी मिलन की लगन धीरे धीरे धीरे,

किये जा प्रभु का

थोड़ा कठिन है भक्ति का रस्ता,

सस्ते में प्यारे श्याम नही मिलता,

किये जा तू सारे जतन धीरे धीरे,

किये जा प्रभु का

ये वो नशा है जो चढ़ना है मुश्किल,

जो चढ़ जाए तो फिर उतरना है मुश्किल,

ही जयेगा तू मगन धीरे धीरे,

किये जा प्रभु का

प्रभु से बनेगा जन्मो का नाता,

बनवारी एक यही साथ निभाता,

बनेगा तू श्याम का दुल्हन धीरे धीरे धीरे,

किये जा प्रभु का भजन धीरे धीरे,

भजन धीरे धीरे

Hemkant jha pyasa

हेमकांत झा प्यासा

9831228059

8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।