हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी ,

मोह मया के बंधन से मुक्ति मिल जायेगी ,

हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी ,

तू व्यर्थ में उलझा है माया की झाडी में,

सब छोड़ के आजा तू सत्संग फुलवाड़ी में,

सत्संग से बंदे सद बुद्धि आएगी,

मोह मया के बंधन से मुक्ति मिल जायेगी ,

हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी ,

मन मीत पीया बंधू सब झूठे नाते है ,

अपनों के छल ही तो हम को तड़पाते है,

सच्चा है प्रभु रिश्ता सच बात ये आये गी,

मोह मया के बंधन से मुक्ति मिल जायेगी ,

हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी ,

जप तप साधन ही तो अमृत है जीवन का,

हरिनाम से कर शुद्धि तू अपने तन मन का ,

प्रभु नाम के अमृत से निर्मल ता आएगी,

मोह मया के बंधन से मुक्ति मिल जायेगी ,

हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी ,

तेरा भाग्ये अमर है तू इस जग में आया है,

भगवान की किरपा तुझपे जो नर तन पाया है,

अंकुश तेरी एक काय प्रभु काम जो आएगी,

मोह मया के बंधन से मुक्ति मिल जायेगी ,

हरी नाम का कर सुमिरन शक्ति मिल जायेगी ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।