बेशक रंग काला पर दिल वाला न पावे खोट में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बेशक रंग काला पर दिल वाला न पावे खोट में,

हारे का सहारा हारन न दे खड़ा सप्पोर्ट में,

बाहुबली से कलयुग का ना इस से बड़ा दबंग दिखाया,

जो आया शरण में बरसी रेहमत होता न कोई तंग देखा,

लुटानियाँ चाहिए या लुटावे ये खुशिया लोट में,

हारे का सहारा हारन न दे खड़ा सप्पोर्ट में

देता छपर फाड़ संवारा सब के केहन पुकारे से,

जब देखो माहरा श्याम धनि यो लखदातार कुहावे से,

वारे न्यारे करे जो आया इस की ओट में,

हारे का सहारा हारन न दे खड़ा सप्पोर्ट में

साची शरधा का बुखा से नवीन विशु जो श्याम तेरा,

नीयत करके साफ़ मांग ले बन जाए बिगड़ा काम तेरा,

कहे रितेश भी ग्यारस ने तेरा लाउ रोट ने,

हारे का सहारा हारन न दे खड़ा सप्पोर्ट में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।