मुझको सँवारे ने है बुलाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम श्याम मेरे श्याम श्याम,

हुई आंख बंद और वो सपने में आया

मुझको सँवारे ने है बुलाये

अब सुनाऊ कहानी मैं उस रात की,

चैन से सो रही थी मैं उस रात भी,

फिर अचानक से संमुख मेरे श्याम आया ,

मुझको सँवारे ने है बुलाये

देखि सूरत तेरी जाने क्या हो गया,

मैं तो ओ सँवारे बस तेरा हो गया

चढ़ के नीले श्याम ने दर्श मुझको दिखाया,

मुझको सँवारे ने है बुलाये

अब न चिंता फ़िक्र है किसी काम से,

हो गई मुलाक़ात अब मेरे श्याम से,

गिरिराज को तूने अपना बनाया,

मुझको सँवारे ने है बुलाये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।