श्री श्याम किरपा रस का कतरा भी चुका पाऊ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री श्याम किरपा रस का कतरा भी चुका पाऊ,

मुझमें वो बात नही मेरी औकात नही,

गर सारी धरती को कागज़ में बना डालू,

गर सात समंदर को स्याही मैं बना डालू,

फिर भी वर्णन कर दू दरबार की महिमा का

मुझमें वो बात नही मेरी औकात नही,

किस्मत के मारो को मिलता सत्कार नही,

बस श्याम के दर पे ही ऐसा व्यवार नही,

उनके उपकारों को मर के भी चुका पाऊ

मुझमें वो बात नही मेरी औकात नही,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।