माँ सुन ले पुकार आजा इक बार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ सुन ले पुकार आजा इक बार,

तेरे बचे रहे पुकार करोना दा कर संगार,

माँ सुन ले पुकार आजा इक बार,

करोना ना दे रक्षक ने हर था ते छोर मचाया है,

दुःख सेह रहे अपने बचेया ते तेनु जरा तरस न आया है,

विनती करले सवीकार,

माँ सुन ले पुकार आजा इक बार,

जद जद भी अत्याचार होया तू शक्ति दा अवतार लिया,

सब दिते कष्ट निवार ,माँ सुन ले पुकार आजा इक बार,

हूँ रहम करो शेरावाली तेनु कहंदे ने मेहरा वाली ,

शांत करो हाहाकार माँ सुन ले पुकार आजा इक बार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।