बरस रही है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बरस रही है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

पाते हैं जो हरी के बंदे छूटन वाले छूट रहे

बरस रहीं है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

कोई पीकर भया बावरा कोई बैठा ध्यान करें है

कोई घर घर अलख जगाए कोई चारों धाम फिरेे है

पाते है जो हरी के बन्दे छूटन वाले छूट रहे बरस रहीं है

राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

कोई मन की प्यास बुझाए कोई अपने कष्ट मिटाए

कोई परमारथ काज करें कोई बन बाबा घूम रहे

बरस रहीं है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

कोई पिए हिमालय बैठा कोई पिए देवालय बैठा

पियो अनुरुद्ध भर भर प्याले

मनुष्य जनम फिर नाही मिले

बरस रहीं है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

बरस रही है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

पाते हैं जो प्रभु के बंदे छूटन वाले छूट रहे

बरस रहीं है राम रस भक्ति लूटन वाले लूट रहे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।