तेरा खूब सजा दरबार संवारा फागण मेले में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा खूब सजा दरबार संवारा फागण मेले में,

तेरी हो रही जय जय कार संवारा फागण मेले में,

तेरा खूब सजा दरबार संवारा फागण मेले में,

दूर दूर से आये तेरे लाखो भक्त निराले,

हरयाणे के जाट अनाड़ी और दिल्ली के लाले

तेरे दर पर भीड़ अपार संवारा फागण मेले में,

तेरा खूब सजा दरबार संवारा फागण मेले में,

लाये से गुलाल साथ में रंग भरी पिचकारी,

खड़े बहार में रुक के माहरे आजा ने गिरधारी ,

तू करिये न इंकार संवारा फागण मेले में,

तेरा खूब सजा दरबार संवारा फागण मेले में,

भजे सुरीले साज संवारा भक्त तेरे गुण गावे,

लिख कर आनंद भजन रसीले बाबा तने रिजावे,

यो करे तेरा परशार संवारा फागण मेले में,

तेरा खूब सजा दरबार संवारा फागण मेले में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।