श्याम मैं नन्द गांव आउंगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा लेके उल्हाना आज श्याम मैं नन्द गांव आउंगी,

तू करने लगा है तंग मने तेरी सारी शिकायत लाउगी

देदे थोड़ा सा माखन राधे बता तेरा क्या घट जाएगा .

नहीं करूँगा तंग तने जब मेरा पेटा भर जाएगा,

तने मार मार के कंकर होइ मेरी सारी मटकी तोड़ी हो,

मैं यु ही मटकी तोडू गा और ना मांगू गा सॉरी ओ,

गलती करे माफ़ी भी न मांगे सारी जिद बताऊगी,

तेरा लेके उल्हाना आज श्याम मैं नन्द गांव आउंगी,

तेरे वस्र्ट चोरी कर लूंगा तू जब जावेगी नावान ने,

रे मान जा वैरी के मिल जा तने मेरा जी जलावन ने,

तू देदे माखन की मटकी खुद श्याम पाशे हट जायेगा,

जान गई देख ढोंग तेरा ना प्यार तू मेरे से,

न न राधे शक न कर मैं प्यार करू सु तेरे से,

जा करने तू मन मानी हो न कदे न मिलने आउंगी,

न न राधे माफ़ी देदे दिल ढक ढक करता रुक जाएगा,

मने नहीं सरेगा तेरे बिना फिर तने क्यों कर सर जायेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।