सजाये बैठे है मेहफिल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भर नजर देखु तूझे। घनश्याम तब आये मजा,

यार से मिलती रहे बस। प्यार की मीठी सदा,

भजन-- तर्ज--- अगर दिलबर की रुसवाई---

सजाये बैठे है मेहफिल। होरही शाम आजाओ,

तुम्हारी ही कमी है साँवरे। घनश्याम आजाओ,

हजारों कोइसीसे मैने किया तुमको मनाने की,

कभी रोकर कभी गा कर। ब्यथा अपनी सुनाने की,

मगर अबतक हरेक कोसिस हुई नाकाम आजाओ,

तुम्हारी ही कमी है साँवरे---------

हमारे दिल की चाहत को जराभी तुम ना गुनते हो,

बहुत देरी हुई क्यूँकर नही। फरियाद सुनते हो,

अगर रूठे हुए हो तो करु क्या कुछतो बतलाओ,

तुम्हारी ही कमी है साँवरे---------

सभी साथी और संबंधी तेरे स्वागत में आये है,

अकेला मैं नही प्यासा। सभी पलकें बिछाये है,

तड़प सुनलो दिलों की दिल के ओ दिलदार आजाओ,

तुम्हारी ही कमी है साँवरे---------

H K PYASA

हेमकांत झा प्यासा

9831228059

8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।