जोगी तेरे मंदिरा तो जी नी जानु करदा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन बाबा बालक नाथ भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैन प्यासे दीद तेरी दे तक तक जी नहीं भरदा,

जोगी तेरे मंदिरा तो जी नी जानु करदा,

दिल दिया आसा पूरियां होइयाँ दर संगता आज आन खलोइयाँ

दिन तरीका सब बुलेया ने बुलेया चेता घर दा

जोगी तेरे मंदिरा तो जी नी जानु करदा,

दुनिया दी हर शीश मिल जावे जोगी तेरी निघा च आवे ,

दूर बलावा कर देवे जो बनिया नौकर दर दा,

जोगी तेरे मंदिरा तो जी नी जानु करदा,

अला चोरियां कर दो श्यामा सब दे करदो ठंडिया छावा,

नाम तेरे दी चढ़ गई मस्ती हूँ न पल भी सरदा,

जोगी तेरे मंदिरा तो जी नी जानु करदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।