मेरी विनती यही है सतगुर दाता

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॥ पावन पाठ ॥

मेरी विनती, यही है सतगुर दाता ll,

'कृपा बरसाए रखना',,हो,, ll

हे मेरे साईं ,,,,'कृपा बरसाए रखना' l

हे मेरे दाता ,,, 'कृपा बरसाए रखना' l

हो,,मुझे 'तेरा ही सहारा मेरे साँईंयाँ ll,

चरणों से, लिपटाए रखना,,,

'कृपा बरसाए रखना' l

हे मेरे साईं ,,,,'कृपा बरसाए रखना' l

हे मेरे दाता ,,, 'कृपा बरसाए रखना' l

मेरी विनती, यही है,,,,,,,,,,,,,,,,F

1-छोड दुनियाँ, के झूठे नाते सारे,

'गुरु जी तेरे, दर पे आ गया',,हो,, ll

( हे मेरे साईं,,,, हे मेरे दाता,,,, )

मैंने 'तुमको, पुकारा मेरे दाता ll,

कि जग से, बचाए रखना,,,

'कृपा बरसाए रखना' lll

हे मेरे साईं ,,,,'कृपा बरसाए रखना' l

हे मेरे दाता ,,, 'कृपा बरसाए रखना' l

मेरी विनती, यही है,,,,,,,,,,,,,,,,F

2-इन स्वांसो, की माला पे मैं,

'सदा ही तेरा, नाम सिमरूं',,हो,, ll

( हे मेरे साईं,,,, हे मेरे दाता,,,, )

लागी 'सतगुरु भक्ति नाम वाली ll,

लगन यह, लगाए रखना,,,

'कृपा बरसाए रखना' lll

हे मेरे साईं ,,,,'कृपा बरसाए रखना' l

हे मेरे दाता ,,, 'कृपा बरसाए रखना' l

मेरी विनती, यही है,,,,,,,,,,,,,,,,F

3-तेरे नाम के, रंग में रंग के मैं,

'मग्न रहूँ, भक्ति में',,हो,, ll

( हे मेरे साईं,,,, हे मेरे दाता,,,, )

कहे 'भक्त, तेरा यह मेरे दाता ll,

सिमरन में, लगाए रखना,,,

'कृपा बरसाए रखना' lll

हे मेरे साईं ,,,,'कृपा बरसाए रखना' l

हे मेरे दाता ,,, 'कृपा बरसाए रखना' l

मेरी विनती, यही है,,,,,,,,,,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।