जब दिल तेरा घबड़ाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब दिल तेरा घबड़ाये। दरबार चले आना

अपने जब ठुकराए। दरबार चले आना

तू क्या क्या करता है। सबकुछ ये देख रहा

हीरा सा जन्म मिला। इसे ब्यर्थ में फेंक रहा

जब वख्त सितम ढाये। दरबार चले आना

दिन रात यहां पगले। रहमत ही बरसती है

लेले तू मजा जिनका। अमृत ही बरसती है

जब कुछना नजर आए। दरबार चले आना

दुनिया जिसे ठुकराती। प्रभु सरन लगाते है

सुख शान्ति मिलती है। जो भजन को गाते है

प्यासा पागल गाये। दरबार चले आना

जब दिल तेरा घबड़ाये। दरबार चले आना

Hemkant jha प्यासा

हेमकांत झा प्यासा

9831228059

8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।