मंदिर में तेरी जाके

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर में तेरी जाके। घंटी बजा बजा के

पूजा करूँगा तेरी। दरसन करूँगा तेरी

माता दुर्गे एकबार तो। द्वार दया का खोलो

कबसे खड़ा हूँ चरण पड़ा हु। कुछतो मुझ से बोलो

फूलों का हार लाके। मैं प्रार्थना सुनाके

पूजा करूँगा तेरी दरसन करूँगा तेरी

मैं हु भिखारी तेरा पुजारी। तेरे ही गुण गाउ

साम सवेरे उठके तेरे। चरणों मे सीस नवाउ

सेवा की मेवा लाके। एक आरती सजा के

पूजा करूँगा तेरी। दरसन करूँगा तेरी

कस्ट हरो दुख दूर करो माँ। मैं हु सरन तुम्हारी

बीच भंवर में आ पड़ी है। नैया आज हमारी

केहता है प्यासा गाके। अपना तुझे बनाके

पूजा करूँगा तेरी। दरसन करूँगा तेरी

मंदिर में तेरी जाके

Hemkant jha प्यासा

हेमकांत झा प्यासा

9831228059

8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।