ऐना अखियाँ च मोहन वसा रखेया ए

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐना अखियाँ च मोहन वसा रखेया ए

एह नगीना मैं मुंदरी जड़ा रखेया ए

मेरे योगिया मैं तेरे दर दी भिखारन

कानू योगन तो मुखड़ा छुपा रखेया ए

जमाने दी इस नु नज़र लग ना जावे

ताहिओ गोरे तो काला बना रखेया ए

छवि सावरे दी रवावेंदी हर दम

नी मैं दिल दे कमल ते बिठा रखेया ए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।