हो मोरी मैया की चुनर उडी जाए

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हो मोरी मैया की चुनर उडी जाए,

हये लेहर लेहर लहराये

लक्ष्मी चुनर जब ओड के आये,

पवन हिलोरे ऐसे खाये जे विष्णु के मन भाये,

हये लेहर लेहर लहराये

चुनर सारस्वरी ओड के आये,

पवन हिलोरे ऐसे खाये ये ब्रह्मा के मन भाये,

हये लेहर लेहर लहराये

गोरी चुनर जब ओड के आये ,

पवन हिलोरे ऐसे खाये ,

ये भोले के मन भाये हये लेहर लेहर लहराये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।