श्याम भक्ति रुस पी लेने दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू के इस नगर में बाबा के इस महल में

दर्शन के लिए आया परिवार भी ले आया

खाटू आया हूँ तू मिल लेने दो

श्याम भक्ति रुस पी लेने दो

मुझे दुखी होक नहीं जीना है

आंसू ये ग़म के नहीं पीना है

आज ये पहरे हटा दो यारों

बाबा सो मुझको मिला दो यारों

कीर्तनो में तो मिला करता हूँ

खाटू में भी तो मिला दो यारो

खाटू आया हूँ तू मिल लेने दो

श्याम भक्ति रुस पी लेने दो

मुझे है तुझसे ना मिलने का ग़म

बाद दर्शन के ही ये होगा काम

अब मैं और ना सेह पाऊंगा

बिन मिले अब ना रह पाऊंगा

मुझे बाबा को ये बताना है

मुझे ना रोको बता लेने दो

खाटू आया हूँ तू मिल लेने दो

श्याम भक्ति रुस पी लेने दो

खाटू की शाम बड़ी रोशन है

रात भर होते यहाँ कीर्तन है

आज की शाम नाचूंगा ऐसे

बाबा को आज रिझाऊं जैसे

नैनो से नैन मिलेंगे उनसे

दीपक को नैनो में बस लेने दो

खाटू आया हूँ तू मिल लेने दो

श्याम भक्ति रुस पी लेने दो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।