तेरे द्वार में नाचेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीवाने श्याम आये है मिलन की आस लाये है,

महफ़िल सजायेंगे झूमेंगे जायेगे ना होश में आएंगे ,

तेरे द्वार में नाचेंगे तेरे दरबार में नाचेंगे,

दीवाने श्याम आये है मिलन की आस लाये है,

महफ़िल में तेरी है होता यही,

जो कुछ भो मांगो है मिलता वही ,

दिल तेरा दरया है डूबे गे हम,

आंसू से अपने ये भर देंगे हम,

आंसू झलकायेगे तुम्हे भेट चढ़ाये गे,

हम खुशिया मनाएंगे ,

तेरे द्वार में नाचेंगे तेरे दरबार में नाचेंगे,

मिलने की तुम से उमंग जागी है ,

दिल में तेरी ही लगन लागि है.

प्रेम हमारा तू पहचान ले,

दिल भी है तुझपे कुर्बान ये,

तुझे याद करे हर पल न भूल पाएंगे ये रिश्ता निभाए गे,

तेरे द्वार में नाचेंगे तेरे दरबार में नाचेंगे,

दीवाने श्याम आये है मिलन की आस लाये है

श्याम सखे तेरी नगरी में हम घूम लाइये खाली गगरी में हम,

भर दोगे प्रेम से विश्वाश है दिल को तो प्रेम की ही प्यास है,

काली शर्मा के हम तुम्हे भजन सुनाएँगे तुमको भी नचाएंगे,

तेरे द्वार में नाचेंगे तेरे दरबार में नाचेंगे,

दीवाने श्याम आये है मिलन की आस लाये है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।