महावीर अलबेला अकेला मेरा महावीर अलबेला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

महावीर अलबेला अकेला मेरा महावीर अलबेला,

लाल लाल लंगियां लाल लंगोटियां राम गुरु का चेला अकेला मेरा,

महावीर अलबेला अकेला मेरा महावीर अलबेला,

राम राज आएगा हिन्दू जग में छायेगा,

भगवा है जिनका चोला महावीर अलबेला अकेला मेरा महावीर अलबेला,

चीर के सीना प्रभु दर्श कराये राम रटत हरवेला

अकेला मेरा महावीर अलबेला,

केसरी नंदन अंजनी के लाला,

राम नाम का है मेला

अकेला मेरा महावीर अलबेला,

सुमार सुमार प्रभु यश तेरे गाये

मयूर है तेरा चेला अकेला मेरा महावीर अलबेला,

राम के तुम प्रभु प्राण से प्यारे,

राम धुन का है मेला अकेला मेरा महावीर अलबेला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।