अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी - २

काम आवैंगी की भव से पार लगावैंगी - २

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी |

श्यामा गोरी, नित्य-किशोरी, प्रीतम-जोरी, श्री राधे ।

प्राण पियारी, रूप-उजारि, अति-सुकुमारी, श्री राधे ।

जय राधे, जय राधे, ब्रजधाम निवासिनी श्री राधे ।

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी - २

काम आवैंगी विपति के जाल नसावैंगी - २

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी ।

राधे राधे राधे मुझे श्याम से मिला दे - २

श्याम से मिला दे मुझे कृष्ण से मिला दे - २

मिल जाये श्याम वही रस्ता बता दे - २

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी - २

काम आवैंगी की तोहे श्याम मिलावैँगी - २

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी ।

रमणी-रम्या, तरु-तर-तम्या, गुण-आगम्या श्री राधे - २

कंचन बेली, रति रस रेली, अति-अलबेली, श्री राधे ।

जय राधे, जय राधे, ब्रजधाम निवासिनी श्री राधे - २

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी - २

काम आवैंगी विपति के जाल नसावैंगी - २

अब भज राधे राधे राधे ये ही काम आवैंगी ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

प्रस्तुतकर्ता - संस्कार टीवी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।