जय हो जय हो महावीर बजरंग बलि

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय हो जय हो महावीर बजरंग बलि,

तेरा धरती पे आना गजब हो गया,

आई आई जयंती हनुमत तेरी

जन्मउत्सव मनाना गजब हो गया,

जय हो जय हो महावीर बजरंग बलि,

आये त्रेता में तुम बन के श्री राम दूत

कभी माँ वैष्णो संग में चले थे लंगूर,

बस कलयुग में सालसर और मेहंदीपुर

तेरा संकट मिटाना गजब हो गया,

जय हो जय हो महावीर बजरंग बलि,

तुम हो अंजनी के लाल तेरा रूप विशाल,

आई विपदा तो आगे खड़े बनके ढाल,

दुष्ट शक्ति न टिक ती है आगे कभी,

तेरा सोटा घुमाना गजब हो गया,

जय हो जय हो महावीर बजरंग बलि,

जब लगी भूख सूरज को खाने चले,

प्रभु राम की खातिर सिंदूर तन मले,

जब लगाई थी रावण अगन तेरी पूंछ

तेरा लंका जलाना गजब हो गया,

जय हो जय हो महावीर बजरंग बलि,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।