भोले भाले है श्याम बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले भाले है श्याम बाबा,

इनहे प्यार बहुत है भोले भगतो से,

भोले भाले है श्याम बाबा

हारे का हर पल तू साथ निभाना श्याम ने माँ का ये केहना माना,

माँ के चरणों की जो सेवा करते,

इनहे प्यार बहुत है भोले भगतो से,

छल और कपट से जो दुनिया जीते मेरे श्याम कभी न उनको अपनाते,

मोह माया से जो दूर रहते,

इनहे प्यार बहुत है भोले भगतो से,

शीश दान कर बन शीश के दानी

श्याम के भोले पंन की ये निशानी,

श्याम शरण में जो केशव रहते,

इनहे प्यार बहुत है भोले भगतो से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।