बाला जी पूंछ तुम्हारी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

दिखने में छोटी सी लेकिन काम करे ये भारी,

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

जब असुरो ने रोका तुम को वन अशोक के अंदर,

इसी पूंछ में लिपटाये और मारे कई दुरंदर,

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

सब की छूटी कर डाली,

ये बाला जी पूंछ तुम्हारी,

रावण ने दरबार में तुम को दिया न कोई आसान,

पूंछ ने उचा रावण से तेरा बना दिया सिंगसन,

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

देखते रह गए दरबारी,

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

गुसाई असुरो ने जब तेरी पूंछ में आग लगा दी,

इसी पूंछ से जला के सारी लंका खाख बना दी,

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

रावण पे पड़ी भारी बाला जी पूंछ तुम्हारी,

बाल भरमचारी हो और तुम शंकर के अवतारी,

सोनू तेरी पूंछ विराजे पार्वती माँ प्यारी ,

बाला जी पूंछ तुम्हारी,

माँ गोरा की अवतारी बाला जी पूंछ तुम्हारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।