सबके लिए खुला है मंदिर यह हमारा

पारंपरिक
माता दुर्गा मंत्र विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सबके लिए खुला हैं, मन्दिर यह हमारा,

मतभेद को भुला हैं, मन्दिर यह हमार,

आओ कोई भी पंथी, आओ कोई भी धर्मी,

देशी-विदेशीयों को, मन्दिर यह हमारा,

मैदान पट बिछाया, डाला है एक आसन,

सब देवता समाता, मन्दिर यह हमारा,

संतो की ऊंची वाणी, पढ़ते हैं मंत्र जिसमें,

सबका आवाज लेता, मन्दिर यह हमारा,

मानव का धर्म क्या हैं, मिलती हैं राह जिसमें,

चाहता भला सभी का, मन्दिर यह हमारा,

आओ सभी मिलेंगे, समुदाय प्रार्थना में,

तुकड्या कहे अमर हैं, मन्दिर यह हमारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।