रे पगले ना शर्मा अभ देर न लगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रे पगले ना शर्मा अभ देर न लगा

दरबार माँ का है बोलो जय जय जय माता दी

हुकुम माँ का है जो दर पे आया है

बस ध्यान उस का कर तुझे मईया ने बुलाया है

मोका मिला है तुझे जाया न कर तू

जय कारे माँ के लगा

ये जगदाती झोली है भरती

तेरे दुखडे तू माँ को सुना

तू खुशीया मना भागता

हो माता तेरे आंगन में आई

तू जयकारा लगा

भगता हो माता तेरे घर पे आई

साचा है दर ये माथा जुका तू माँ को रिजा

जेसे सजाया जेसे सजाया भवन मईया का वेसे जीवन सजा

ये ज्योत शक्ति शाली येही है शेरावाली

ये ज्योत है दुर्गा ये ज्योत माताकाली

इस ज्योत के कारन दुनिया है येरोशन

अभ दर्शन करलेरे तेरा महकेगा चमन

क्यों भटकता फिरता जहामें कुछन मिलेगा यहाँ

बबलू के बोल ये सुन लेरे पगले तू चरणों से माँकेलगजा

तू खुशिया मना बगता ओ माता तेरे आगँन में आई

Lalit ajbani

९८९०३५५९४०

९३२०३५५९४०

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।