तू जपले प्राणी शिव शिव शिव का नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जो भी जप्त शिव का नाम जय भोले,

उसके बनते सारे काम जय भोले,

शिव अविनाशी का करले तू ध्याम,

तू जपले प्राणी शिव शिव शिव का नाम,

नील कंठ कैलाशी है बड़ा भोला बाला ,

भगतो के कष्टों को सदा हरने वाला,

सारी मुश्किल होगी हल,

सुमिरन करले पल दो पल .

सब से निराला है ये देव महान,

तू जपले प्राणी शिव शिव शिव का नाम,

मोह माया से तू बहार निकल जा,

वक़्त है पगले तू अब भी सम्बल जा,

कुछ भी साथ नहीं जाएगा वक़्त ये सारा निकल जाएगा,

बाद में तू पछतायेगा सुन ले नादान,

तू जपले प्राणी शिव शिव शिव का नाम,

कर्मो का लेख तेरे सार्थ चलेगा,

कर्मो का फल केशव सारा ही मिलेगा ,

शर्मा कर ले सोच विचार शिव ही करेंगे बेडा पार,

शिव गुण गान से होगा कल्याण,

तू जपले प्राणी शिव शिव शिव का नाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।