प्रेम की ज्योति जगा कर तो देख

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम की ज्योति जगा कर तो देख

भावों के मोती चढ़ा कर तो देख

आ जाएगा मेरा सांवरा

हर नियम रिवाज़ों की बेदी तोड़ कर

प्रेमियों के खातिर आया है दौड़ कर

रीझा नहीं माया से न फूलों के हार से

सांवरा तो रीझा है बस आंसू की धार से

चरणों में तू अश्क बहा कर तो देख

आ जाएगा मेरा सांवरा

मीरा और नरसी की थी एक तह दास्ताँ

दोनों ने चुना था भजनो का रास्ता

सच्ची चुभार होगी अगर तेर आह में

मिल जायेगा सांवरिया तुझको भी राह में

तू भी इसको भजन सुनकर तो देख

आ जाएगा मेरा सांवरा

हो अगर यकीन ना इतिठास देख ले

कर के सांवरे पे विश्वास देख ले

आता रहा आएगा वो देखो पुकार के

जब भी कोई प्रेमी इसे बुलाये हार के

सोनू तू भी इसको बुला कर तो देख

प्रेम की ज्योति जगा कर तो देख

भावों के मोती चढ़ा कर तो देख

आ जाएगा मेरा सांवरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।