हे रघुवर तेरी आरती गाऊ

पारंपरिक
हनुमान जी आरती राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हे रघुवर तेरी आरती गाऊ आरती गाऊ प्यारे तुम को रिजाऊ

शीश पे रघुकुल मुकुट विराजे , गले पीतांबर सुंदर साजे

चरणों में तेरे पुष्प चड़ाउ

हे रघुबर .......

बोए शोभित हे जगजननी चरण को चापत हे सूत अंजनी

चरणों में तेरे बलिहारी जाऊ

हे रघुबर.......

लखन लाल जी बिराजे दये भरत शतुघन बलि बलि जाये

में भी बलिहारी तुम्हरे जाऊ

हे रघुबर.......

चरणों से निकली गंगा प्यारी वंदन करती दुनिया सारी

चरणों को तेरे सदा पखारू

हे रघुबर......

दीनजनो के आप हो मालिक दूर करो दुःख हे जग पालक

चरणों में तेरे शीश झुकाउ

हे रघुवर तेरी आरती गाउ

दीपांशु काठपाल

9782213145

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।