बड़े दिन हुए बिछड़े सखा से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़े दिन हुए बिछड़े सखा से ए द्वारपालो मिलने दो

नहीं देखा है बरसों से उसको तनिक मुझे तक लेने दो

यह जो द्वारकाधीश तिहारे हैं बचपन के मित्र हमारे हैं

संग खेले पढ़े गुरुकुल में गले जाके लगने दो

बड़े दिन हुए ,,,,,,

द्वार पर एक निर्धन आया है पाव नंगे है ऊघडी काया है

शीश पगड़ी ना झगा उसके तन पे कहे है तुमसे मिलने को

बड़े दिन हुए ,,,,,,

नाम अपना सुदामा बताता है नीर आंखों में भर भर लाता है

कहता है मैं सखा श्याम का हूँ महल में जाने दो

बड़े दिन हुए ,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।