भज मनवा नाम तुम्हारे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जन्म जन्म दोउ तेरे चरण को ऐसे कर्म हो हमारे,

भज मनवा नाम तुम्हारे,

ऐसा वर दो अपने शरण लो राम नाम हो सहारे,

भज मनवा नाम तुम्हारे,

तुम ने सब को मोक्ष दियां भव सागर किया पार,

मेरी भी सुनले अर्ज हे दाता विनती वारम वार,

दर्शन पाउ तुझे वसाउ ऐसे हो नैन हमारे,

भज मनवा नाम तुम्हारे,

तन भी तेरा मन भी तेरा तू ही तो सबके खिवईयाँ,

बीच भवर में छोड़ न मुझको पार लगा देना नैया,

तड़प में तुम हो धड़क में तुम हो,

ऐसे हो सांस हमारे भज मनवा नाम तुम्हारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।