हे घन के गणेशा तेरी हुई जय जय कार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सारे कष्ट को हरने वाले सुन ले मेरी पुकार

हे दुःख वणजण शिव के नंदन लीला तेरी है ापर ,

तेरी दया से तेरी किरपा से हम नहीं है लाचार,

हे घन के गणेशा तेरी हुई जय जय कार ,

तू है चहेता सब के मन में तू इस जग में महान

रिद्धि सीधी के तू रखवाले प्यारे मेरे भगवान्,

मोती चूर के भोग लगा कर कहते है संसार,

हे घन के गणेशा तेरी हुई जय जय कार ,

तेरे चरण पे शीश जुकाओ तुझको भजु सुबहो शाम,

मन की मुरदे पूरा करे तो कण कण पे है तेरा नाम,

ग़ज केसर को धरने वाले करके मूषक सवार,

हे घन के गणेशा तेरी हुई जय जय कार ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।