॥ पावन पाठ ॥
मैया जी तेरे भगत प्यारे ऊंची ऊंची लाउन जैकारे
सारेया नु चढ़ गया नाम दा सरूर माँ,
आज तेरा जगराता करि हाजरियां मंजूर माँ,
तेरी रेहमत सदका लागियां रोनका साढ़े वेहड़े,
ज्योत तेरी दा चानन कर गया सब दे दूर हनेरे,
हर पास छाया तेरी रेहमता दा नूर माँ,
आज तेरा जगराता करि हाजरियां मंजूर माँ,
नाम तेरे दी ज्योत जगाई सोहना भवन बनाया,
जल देके तेरे भगता नु अपने घरे बुलाया,
अपनेया चरना को करियो न दूर माँ,
आज तेरा जगराता करि हाजरियां मंजूर माँ,
मस्ती दे विच नच्दे सारे जय जय कार बुलन्दे,
फुलियां दा बलवीर कहे तेरियां भेटा गाउँदे,
मथे उते लाइए तेरे चरना दी धूल माँ,
आज तेरा जगराता करि हाजरियां मंजूर माँ,