दुनिया से सहारा क्या लेना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया से सहारा क्या लेना तेरा एक सहारा काफी हैं,

कुछ कहने की क्या जरूरत हैं, तेरा एक इशारा काफी हैं ॥

धन दौलत का क्या करना हैं,इन महलो का क्या करना हैं,

जिंदगानी चार दिनों की हैं, चरणों में गुजरा काफी हैं ,

दुनिया से सहारा क्या लेना तेरा एक सहारा काफी हैं ...

माना दुनिया रंगीन तेरी,हर चीज बनाई हैं तुने ,

देखु तो क्या क्या देखु माँ,बस तेरा नजारा काफी हैं ,

दुनिया से सहारा क्या लेना तेरा एक सहारा काफी हैं ..

वैकुंठ नहीं और स्वर्ग नहीं, मुझे मुक्ति का क्या करना हैं ,

वनवारी भजन करू जीवन मिल जाए दोबरा काफी है

दुनिया से सहारा क्या लेना तेरा एक सहारा काफी हैं .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।