कैसे करू तेरी पूजा भवानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कैसे करू तेरी पूजा भवानी कैसे करू तेरी पूजा,

कैसे करू तेरी पूजा कैसे करू तेरी पूजा,

मैं मुर्ख अज्ञानी ठेहरा मुझपे माया मोह का पेहरा,

सच नहीं जानू झूठा भवानी,

कैसे करू तेरी पूजा भवानी कैसे करू तेरी पूजा

मैं नहीं जानू तेरी गाथा राह दिखाओ मेरी माता,

तुम बिन कोई न दूजा,

कैसे करू तेरी पूजा भवानी कैसे करू तेरी पूजा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।